Women Empowerment in Hindi | महिला सशक्तिकरण अर्थ हिंदी में

Women empowerment in hindi: आज के इस लेख में हम जानेंगे की महिला सशक्तिकरण का अर्थ क्या होता है. महिला सशक्तिकरण के बारे में जानने से पहले हमे ये जानना जरुरी है की सशक्तिकरण का मतलब क्या है. तो चलिए शुरू करते है Women empowerment in hindi.

सशक्तिकरण का मतलब होता है किसी भी व्यक्ति आपने योग्यता से ही आपने जीबन से जुड़े सभी निर्णय स्वयं ले सके. इस पोस्ट में हम येही चर्च करेंगे की Women empowerment in hindi में महिला की उन योग्यता जहा से महिलाई सारे बंधोने से मुक्त होकर आपने खुद का निर्णय खुद ले सके.

मौलिक रूप से हमारे समाज एक पुरुष प्रधान समाज है जहा महिलाओ को हमेशा पुरुष के मुकाबले में पीछे ही रखा जाता है. पिछले जमाना में सभी महिलाओ को पुरुष के सहारे ही जीना पड़ता था. परिबार के जितने भी निर्णय लेना होता था सभी निर्णय एक पुरुष ही लेता था जिस मे महिलाई की कोई हक नही होता था.

लेकिन धीरे धीरे जमाना बदल रहा है और आज के समय में महिला स्कूल, कॉलेज में पड़ाई कर रहा है. आपने अधिकार के लिए लड़ रहा है और खुद आपने पेरो में खड़ा हो रहा है. आज के समय में महिला सशक्तिकरण के लिए बहुत सारे योजनाए लाया गया. जिसे महिलाओ को और सुबिधा मिल साके.

महिला सशक्तिकरण क्या है – What is Women Empowerment in Hindi

Women Empowerment in hindi

महिला सशक्तिकरण को आगार बेहद आसान तरीके से बताया जाये तो महिला समाज में आपने स्थान को प्राप्त कर साके. आपने अधिकारों के लिए लड़ साके, किसी के दबाब में ना रह के खुद का फैसला खुद ही ले साके और समाज में अच्छे से रह साके. अगर किसी समाज में महिला आपने अधिकारों से खड़ा हो साके तो समाज में बहुत कुछ बदलाब हो सकता है. देश के बिकास के लोए महिला आपने राय दे सकता है. मतलब की जिस समाज में महिला का अधिकार है और बो पुरुषो के साथ आपना मतदान प्रकास कर सकता है इसी को ही महिला सशक्तिकरण कहा जाता है.

भारत में महिला की स्तिथि

भारत में जितने भी लोग रहता है उनमे से 70 प्रतिसत लोग गावं में ही रहता है. तो आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हो की भारत में एसे बहुत सारे गावं अभी भी है जहा महिला का जीबन घर के चार दिबार के अन्दर होता है. तो इन महिला कुछ भी पड़ाई नही कर सकता है क्यों की इन्हें घर से बहार ही नही निकलने देता है.

तो इन परिस्थिति में ये क्या कर सकता है ना आपने अधिकारों के लिए लड़ सकता है ना आपने आपको पुरुषो के साथ कंधे से कंधे मिलाके चल सकता है. लेकिन धीरे धीरे हालत बदल रहा है आज कल गावं की महिला भी शिक्षा के लिए स्कूल, कॉलेज जा रहा है और आपने आपको सशक्तिकरण बनाने में पूरी तरह मदद करता है.

भारत में महिला सशक्तिकरण क्यों जरुरी है

महिला सशक्तिकरण की जरूरते इसीलिए पड़ी की प्राचीन भारत पुरुष प्रधान समाज था. महिलाओ को उनको परिबार और सामाजिक रूपसे दबाया रखा जाता था. समाज में पुरुष और महिलाओ को अलग नजर से देखा जाता था. लेकिन ये सिर्फ भारत में ही नही बिदेशो में भी देखा जाता था.

महिला के लिए प्राचीन काल से गलत चलन को मानते हुए महिलाओ को कुछ भी कार्य करने नही दिया जाता था समाज के लिए. ताकि बो भी समाज को आग बड़ने में आपना सय्योग दे साके.

भारत एक एसा देश है जहा अलग अलग धर्म के लोग रहता है, इसीलिए सभी लोगो का समाज अलग अलग है और चलन भी अलग अलग है. लेकिन हर धर्म में महिलाओ को एक ही नजर में देखा जाता था.

हर धर्म में महिलाओ को छोटा ही समझा जाता था. इसके साथ साथ महिलाओ पर जुलम भी होता था जैसे की शारीरिक और मानसिक दबाब, सती प्रथा, दहेज प्रथा, घरेलु हिंसा, यौन हिंसा, कार्य स्थल पर यौन शोषण, बाल बिबाह, बाल मजदूरी इस तरह का घिनोना काम महिलाओ के साथ किया जाता था. इसीलिए ही भारत जैसे देशो में महिला सशक्तिकरण की जरुरत है (Women empowerment in hindi).

भारत में महिला सशक्तिकरण में आने बाले बाधाए

में आपको पहले ही बता चूका हु की भारत एक एसा देश है जहा अलग अलग धर्म के लोग रहता है, और सारे धर्म में अलग अलग रीती रिवाज शामिल है. इनमे से कुछ एसा पुराने रीती रिवाज है जो की महिला सशक्तिकरण में बाधाए सृस्ती करता है. चलिए उनके बारे में बिस्तार से जानते है.

  • पुराने रीती रिवाज के कारन भारत के कही सारे शेत्र में आज भी घर से बहार निकाल में आजादी नही मिलता है.
  • इस तरह का जगह में आज भी महिला को शिक्षा के लिए स्कूल या कॉलेज जाने नही दिया जाता और रही बात की रोजगार के लिए भी बहार जाना बिलकुल माना है.
  • भारत में एसा जगह आज भी है जहा पुराने खयालो के लोग रहता है और महिला आपने आपको पुरुषो से कम समझने में लगते है. और ये प्रथा को बदलने में नाकाम साबित होते है.
  • कार्य स्थल में होने बाले भेद भाब और शोषण ये भी एक बहुती बड़ा बाधा है महिला सशक्तिकरण में.
  • हलाकि आज के समय में महिलाओ के हित में बहुत सारे नियम बनाया गया है लेकिन आज भी हमारे समाज पुरुष प्रधान होने के कारन महिलाओ को हमेशा पीछे ही रखा जाता है.
  • महिला की जीबन प्रक्रिया एक अलग प्रकार का होता है, बहुत समय कम उम्र में शादी हो जाता है, और बिच में पड़ाई छोड़ने पड़ता है और अशिक्षा के करना भी महिला सशक्तिकरण में बाधाए सृस्ती करता है. बैसे तो शहर के महिला पुरुषो के बराबर शिक्षा प्राप्त करता है लेकिन एसा ज्यादातर गावं में देखा जाता है.
  • ग्रामीण शेत्रो की महिलाए शहर की महिलाए के तुलना में कम पड़ी लिखी होती है इसीलिए बो महिलाए आपने अधिकारों के लिए लड़ नही पाते है. इसीलिए ग्रामीण महिलाए आपने सहियोग नही दे पता है देश की बिकाश में.
  • अगर सबसे बड़ी बाधाए की बात करे महिला सशक्तिकरण के तो बो होता है महिलाए के सुरक्षा की. क्युकी आज कल घर से अगर कोई महिलाए बहार पड़ने के लिए या कोई भी कार्य करने के लिए जाते है तो घर के लोगो के मन एक चिंता होता है की कब लोटेगा, कहा है क्या कर रहा ही. तो इसीलिए महिलाए आज काल कही पर भी देर रात तक नही रुकता है. क्युकी परिस्थिथि कुछ इस प्रकार का है.
  • आज के दिन में एसे भी बहुत लोग है जिनके मानसिक चिंताधारा महिला के लिए अलग है. अगर कोई परिबार में महिला आपने बेटी की जन्म देता है उसे कुलखन माना जाता है. और गर्भ में बेटी होता है तो उसे भ्रूणहत्या हत्या तक करने से पीछे नही हटते.

भारत में महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार की भूमिका – Role of the government in India for Women empowerment in hindi

भारत सरकार दुवारा महिला सशक्तिकरण के लिए बहुत सारे नियम कानून बनाया गया है, बहुत सारे योजनाए बनाया गया है, ताकि महिला सशक्तिकरण हो साके, महिलाए आपने अधिकारों के लिए लड़ साके. समाज में कोई भी काम हो बो भी पुरुषो के साथ साथ कर साके और समाज के आगे ले जाने में मदद करे.

महिलाए के इन परिस्थिति को देखते हुए भारत सरकार दुवारा महिलाए की हित के लिए बहुत सारे योजनाए भी बनाया गया है ताकि सारे महिलाए इन योजना की लाभ उठा साके और आपने आपको कभी भी कमजोर मत समझे.

देश और दुनिया भर मे हर साल महिला सशक्तिकरण के लिया बहुत सारे कार्यक्रम किया जाता है. जिसके जरिये नारी शक्ति को आपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया जा साके.

महिला सशक्तिकरण के लिए बनाए गए योजना

महिला एवं बाल बिकास कल्याण मंत्रालय और भारत सरकार दुवारा भारतीय महिलाए को सशक्तिकरण करने के लिए बहुत सारे योजनाए बनाया गया है. उन सारे योजनाए जैसे की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं, उज्जवला योजना, महिला शक्ति केंद्र, पंचायाती राज योजनाओ, महिला हेल्पलाइन योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना, राजीव गांधी राष्ट्रीय आंगनवाड़ी योजना इत्यादि योजनाए बनाया गया है.

तो चलिए इन सारे योजनाए के बारे में पूरी जानकारी जानते है.

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं योजना

ये योजना कन्या भ्रूण हत्या और कन्या शिक्षा के लिए 2015 साल में बनाया गया है. इस योजना के तेहत जिस भी परिबार में कन्या होता उन परिबार को आर्थिक सहायता देकर पड़ाई करने में मदद किया जाता है. इस योजना के तेहत ये भी बताया जाता है की महिला यानिकी कन्या किसी भी परिबार के लिए बोझ नही है.

महिला हेल्पलाइन योजना

महिला हेल्पलाइन योजना महिला को घरेलु हिंसा को देखते हुए साल 2015 में बनाया गया है. इस योजना के तेहत कोई भी महिला किसी भी समय टोल फ्री नंबर 181 में संपर्क करके पुलिस से सहायता ले सकता है. इस योजना का एक ही मकसद हे की किसी भी प्रकार का घरेलु हिंसा को रोकना.

महिला शक्ति केंद्र

इस योजना का एक ही मकसद है की ग्रामीण महिला को सशक्तिकरण बनाना. ग्रामीण शेत्रो में महिलाओ को आपने अधिकारों के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए सामुदिक सायंसेबक और पेशेवर व्यक्तियों रहता है. ये लोग महिलाओ को उनके कल्याणकारी योजना के बारे में बताता रहता है.

स्वाधार गृह योजना

इस योजना के माध्यम से 18 बर्ष के ऊपर महिलाओ को रहने के लिए आवास यानिकी घर दिए जाते है. ये योजना उन महिलाओ के लिए चलाया जाता है जिनके पास रहने के लिए घर नही होता है. ये योजना के अंतर्गात आवास के साथ साथ खाने के लिए भजन , कपड़े, स्वास्थ सुबिधा दिए जाते है.

आंगनवाड़ी योजना

आंगनवाड़ी योजना चालू किया गया है उन महिलाओ के लिए जो महिला बहार जाकर कार्य करता है. जिस महिला के बच्चे है उनके बच्चो को देखभाल करने के लिए ये योजना खास कर बनाया गया है. सुभे आपने बच्चो को आंगनवाड़ी में छोड़कर जायेगा और साम को जब काम करके घर लोटेगा तव आपने बच्चो को लेकर आएगा. तो ये आंगनवाड़ी नर्सरी में बच्चो को शिक्षा के साथ साथ बेहतर पोषण और सोने की सुबिधा दिए जाते है.

वन स्टॉप सेंटर योजना

इस योजना के तेहत घरेलु हिंसा के सामना कर रही महिलाओ को सहायता प्रदान किया जाता है. सिर्फ सहायता ही नही जिन महिलाओ इस हिंसा से खतिग्रस्त हुए है उनके लिए चिकित्सा, क़ानूनी सलाह प्रदान किया जाता है.

महिला सशक्तिकरण के लिए दिए गए अधिकार – Women Empowerment in hindi

महिला सशक्तिकरण को और भी आगे ले जाने के लिए यानिकी महिलाओ को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार दुवारा कही सारे क़ानूनी अधिकार दिए गयी है.

कार्यस्थल में योन उत्पीड़न के खिलाप कानून :- योन उत्पीड़न कानून के तेहत अगर कही कार्य स्थल पर अगर किसी भी महिलाओ के साथ योन उत्पीड़न जैसा घिनोना घटना घटता है तो उसके लिया क़ानूनी बाबस्ता है, जिसे बो महिलाओ काभी भी अपना सिकायत दर्ज कर सकता है.

सम्पति पर अधिकार :- हिन्दू उत्थादिकारी के अनुसार पुरुष और महिला का आपना सम्पति पर बराबर हिस्सा मिलता है. लेकिन मुश्लिम धर्मं में ये हिस्सा आधा ही दिया जाता है.

समान वेतन का अधिकार :- अगर किसी भी स्थल पर पुरुष और महिला एक साथ एक हीप्रकार का कार्य करता है तो मजदूरी में भेद भाब नही किया जा सकता है. ये कानून के तहेत महिलाओ को समान मजदूरी मिलने लगा हैमज. अगर किसी भी स्थल पर पुरुष और महिला की मजदूरी में भेदभाव किया जाता है तो उनके लिए बो किसी भी समय पर कानूनी सहायता ले सकता है.

कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ अधिकार :- भारत के सभी नागरिक की कर्तब्य है की किसी भी कीमत पर गर्भधारण से लेकर प्रसव से पूर्व तक लिंग पहचान बिलकुल ना करे. ये एक क़ानूनी अपराध है.

महिला सशक्तिकरण से क्या क्या फायदे होगा – Benefits of Women Empowerment in hindi

समाज में सभी महिलाओ को जितना अधिकार मिलना चाहिए उतना अधिकार कभी भी नही मिलता है. महिला सशक्तिकरण के बिना कभी भी ये हक़ महिलाओ को नही मिल सकता है. महिलाओ को आपना खुद का फैसला खुद लेना चाहिए जो की कभी भी नही ले पता है. अगर महिला सशक्तिकरण हो जाये तो महिला आपने खुद किसी भी फैसला ले सकता है.

महिला सशक्तिकरण से क्या क्या बदलाव हो सकता है चलिए देखते है.

  • सभी महिलाओ आपने जिन्दगी से जुड़ी सभी फैसला खुद ले सकता है.
  • महिलाओ सभी कामो में पुरुषो के साथ बराबर हिस्सा ले सकता है.
  • महिलाओ आपने खुद के हक़ के आवाज़ उठा सकता है.
  • सभी महिलाओ धीरे धीरे आत्मनिर्भर बन सकता है.
  • पुरुष कभी भी महिलाओ को कमजोर नही समझेगा.
  • सभी पुरुष महिलाओ की फैसला को इज्जत देगा.
  • महिलाओ खुद के दम पर कार्य कर सकता है और समाज के बिकास में योगदान दे सकता है.

Conclusion ( Women Empowerment in Hindi)

महिला सशक्तिकरण से सभी महिलाओ को वह मजबूती प्रदान करता है, जो उन्हें आपना हक के लिए लड़ने में मदद करता है. भले आज के समय में महिला प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, डॉक्टर, वकील, पुलिस बन चुकी हो लेकिन फिर भी काफी सारी महिलाओ को आज भी सहायता की जरुरत पड़ती है. हम सभी को महिलाओ को सम्मान करना चाहिए, उन्हें समाज में आगे बड़ने के लिए मौका देना चाहिए.

जब हमारा देश की सभी महिलाओ शिक्षित हो जाईगी तब हम लोग कह सकते है की आप हमारे देश की महिला का हालत बदल रहा है. और बो दिन दूर नही जिस दिन सभी महिला कही पर भी कभी भी जा सकता, कुछ भी कार्य कर सकता है, किसी की जरुरत नही होगा. तो मुझे पूरी उम्मीद है की आज का पोस्ट Women empowerment in hindi (महिला सशक्तिकरण) आपको बहुत पसंद आया होगा. और आप पड़ते पड़ते एह तक आये हो तो आपको बहुत बहुत धन्यवाद.

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