Child labour in hindi | Child labour in hindi meaning बाल मजदूरी

Child labour in hindi: किसी भी शेत्रो में अगर बच्चे आपने श्रम देके कुछ कार्य करता है यानिकी आपने बचपन में दिय गयी सेवा को Child labour कहा जाता है Child Labour in hindi में . बाल श्रम हमारे देश और समाज के लिए बहुत ज्यादा गंभीर बिषय बन चूका है.

आज बो समय आ चूका है कि हमें इस गंभीर विषय के बारे में बात करने के साथ-साथ अपनी नैतिक जिम्मेदारी भी समझना होगा। बाल मज़दूरी को जड़ से उखाड़ के फेंकना हमारे समाज और देश के लिए आज एक चुनौती बन चुका है. क्योंकि कुच मज़बूरी के कारन बच्चों के माता-पिता ही बच्चों से कार्य करवाने लगे है। आज के समय में हमारे देश में किसी बच्चे को कठिन कार्य करते हुए देखना कोई बड़ी बात नही रहा.

आज के समय में बड़े बड़े कांट्रेक्टर दुवारा छोटे छोटे बच्चे से किसी भी प्रकार का कार्य कराते हुए हमेशा देखने को मिलता है. इसी के कारन बच्चो के बचपन बहुत ख़राब हो रहा है और साथ ही साथ बच्चो के भाबिश में इसका बुरा असार पड़ रहा है. इसीलिए देश में जनसंख्या तो बहुत तेजी से बड़ रहा है लेकिन गरीबी भी बड़ रहा है. तो चलिए आगे बड़ते है Child labour in hindi में.

बाल मजदूरी के अर्थ – Child labour in hindi

child labour in hindi

भारत के संबिधान में 1950 के 24 बी अनुच्छेद के अनुसार 14 बर्ष के कम उम्र के बच्चो क्ले दुवारा मजदूरी का काम कराना, होटलों, कारखाना, घरेलु नोकर इत्यादि के रूप में काम कराना बाल मजदूरी के अंतर्गतआता है. और ये एक जुर्म भी है भारतीयों संबिधान के अनुसार. अगर कोई ब्यक्ति एसा कम करते हुए पाया जाता है तो उन्हें उचित दंड भी दिए जाते है.

अगर साधारण सब्द में बाल मजदूरी को समाझने की कौशिश करे तो किसी भी बच्चे की उसके बाल्यकाल से ही मजदूरी का काम करने के लिए मजबूर किया जाता है, उसे ही बाल मजदूरी कहा जाता है. बहुत बार एसा भी होता है की पैसे की जरूरत के कारन बच्चो को भी आपने बचपन के खेलकूद, पड़ाई को छोड़ के काम करना पड़ता है. ये भी बाल मजदूरी के अंतर्गत आता है.

बाल मजदूरी के कारन – Causes of Child Labour in hindi

child labour in hindi

किसी भी समय में कोई भी बच्चे के पिता माता आपने बच्चे दुवारा बाल मजदूरी का काम कराना नही चाहता है. फिर भी हमारे देश में बाल मजदूरी इतने बड़ चूका है की ये एक समाझ के लिए गंभीर बिषय बन चूका है. तो चलिए देखते है की Causes of child labour in hindi.

  • बाल मजदूरी का मुख कारन होता है गरीबी होना. हमारे देश में ज्यादा गरीबी होने के कारन परिबार के खर्च उठाना मुश्किल हो जाता है, इसीलिए गरीब बच्चो को काम करना पड़ता है आपने परिबार के लिए.
  • गरीब परिबार में पैसे की कमी होता है इसीलिए बो लोग आपने बच्चो को शिक्षा नेही दे पाते है. गरीब परिबार में शिक्षा के आभाव के कारन उन्हें शिक्षा की एहिमियत नही पाता होता है.
  • गरीब परिबार में बिभिन्य सरकारी योजना के बारे में नही पता होता है, क्युकी ये लोग सोचते है की पड़ाई करने से खर्चा होता है और काम करने से पैसे मिलता है. तो एसा सोच होने के कारन जल्दी ही बच्चो को काम पे लगा देता है.
  • बहुत लोग एसा भी होते है जो लोग बच्चो को काम पे रखना चाहता है क्युकी बच्चो को काम पे रखने में उन्हें कम पैसे देने पड़ते है.
  • अशिखित माता पिता में एसा बहुत बार देखा गया है की नशे करने लगता है. और बो लोग नशे में इतना डूब जाता है की उन्हें कुछ भी नही पता रहता है की क्या करे और क्या ना करे. इसीलिए उनके बच्चे भी पड़ाई नही कर पाते है और काम करने लगते है.
  • इस देश में लाखो के बच्चे अनाथ होता है, तो ये भी एक कारन होता है बाल श्रम के. ये बच्चे मजबूर होकर काम करता है.
  • कही बार एसा देखा गया है की बहुत सारे परिबार में कुछ दूर घटनाय घट जाता है, और इसके कारन मजबूर होकर कही होटल, रेस्टुरेंट में काम करना पड़ता है.
  • बाल मजदूरी को रोकने के लिए आज तक जितने भी कानून बनाया गया है उसे सही तरीके से पालन नही किया जाता है. ये भी बाल मजदूरी बड़ने का कारन होता है.

बाल मजदुर रोकने के लिए सरकार दुवारा बनाए गए कानून (Govt. Act Against Child Labour in Hindi)

हमारे देश में सरकार दुवारा Child Labour को रोकने के लिए कड़ी से कड़ी कानून बनाया है. लेकिन जब तक हम और आप जैसे लोग इस कानून को सही तरीके से नही पालन करेंगे तब तक बाल मजदूरी देश से पूरी तरहा से ख़त्म नही होगा. तो चलिए देखते है की आज तक सरकार कितने कानून बनाया है child labour को रोकने के लिए.

  1. Child Labour Prohibition and regulation(1986): हमारे देश में Child Labour को रोकने के लिए 1986 में child labour in hindi act बनाया गया है. और इस कानून में ये बताया गया है की 14 बर्ष से कम उम्र के बच्चो से किसी भी प्रकार का काम कराना क़ानूनी अपराध है.
  2. The justice for Care and protection of Children(2000): ये कानून बच्चो को देखभाल और सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है. अगर कोई ब्यक्ति 14 बर्ष से कम उम्र के बच्चो से काम कराता है या काम करने के लिए मजबूर करता है, तो उस पर कड़ी से कड़ी कारबाई किया जायेगा इस कानून के तेहत.
  3. Compulsory Education for Child labour in hindi (2009): इस कानून की तेहत सरकारने ये सुबिधा देता है की सारे गरीब बच्चो को मुफ्त में सिक्षा दिय जायेगा. और साथ ही प्राइवेट स्कूल में भी गरीब और बिकलंगा बच्चो के एडमिशन के लिए 30% ताक की सीट भी सुरक्षित रखता है

सरकार दुवारा बिविन्य प्रकार का कानून बनाया गया है ताकि किसी भी कारके बाल मजदूरी को रोका जाये. लेकिन क्या किया जाये हम और आप जैसे लोग जब तक इस कानून को सही तरीके से पालन नही करे तब तक ये बाल मजदूरी कम नही होगा. तो चलिए आगे देखते है की बाल श्रम रोकने के लिए क्या क्या उपाय है child labour in hindi में.

बाल मजदूरी रोकने के उपाय क्या क्या है – Way to stop the child labour in hindi

child labour in hindi

बाल मजदूरी हमारे समाज के लिए एक अबिशाप है जो हमारे समाज से मिटने की नाम ही नही ले रहा है. अगर हम लोग ये सोचते है की किसी भी बच्चे को कुछ पैसे या खाने देके कुछ काम कराते है तो हम लोग उसके ऊपर एहसान करते है तो ये बिलकुल गलत है.

तो चलिए देखते है की क्या क्या उपाय हो सकता है बाल मजदूरी को रोकने के लिए child labour in hindi की आर्टिकल में.

  1. बाल मजदूरी को रोकने के लिए आजतक जितने भी कानून बनाया गया है उसे बहती मजबूती से पालन करना है. और इससे और भी कड़ी कानून बनाना चाहिए ताकि कोई भी ब्यक्ति एसा काम करने से दस बार सोचे.
  2. बाल मजदूरी को जड़से ख़त्म करने के लिए हमे आपनी सोच को बदलना है. बहुत एसा लोग होता है जो लोग कम पैसे देकर बच्चो को काम पे रखता है आपने घर में या दोकान में.
  3. हमारे देश में शहर से लेकर गावं तक सभी आम आदमी को child labour के बारे में जागरुक होना जरुरी है. क्युकी बाल मजदूरी सिर्फ शहर में ही नही देखने को मिलता है बल्कि गावं में भी देखने को मिलता है.
  4. हमारे देश में अभी भी गरीबी बहुत ज्यादा है इसीलिए बहुत गरीब माँ-बाप आपने बच्चे के शिक्षा के लिए सोचते ही नही है. आज काल सरकार दुवारा मुफ्त में शिक्षा, खाना, कपडे दिए जा रहा है. तो एसे गरीब माँ-बाप को इसके बारे में ध्यान देना चाहिए.
  5. आज काल छोटे मोटे दुकान या कारखाना में बच्चो को ज्यादा काम पे रखा जाता है क्युकी बच्चो को काम पे रखने का फायदा एही है की कम पैसे में उन्हें रखा जाये. तो सभी दुकान या कारखाना के मालीक को एक वादा करना है की बो कम उम्र बच्चो को काम पे नही रखेगा.
  6. आगर हम रस्ते पे या दुकान पे यातो किसी भी कारखाना पे किसी भी तरह का बाल श्रम होते हुए देखते है तो तुरंत ही उस बच्चे की माँ-बाप को बता देना चाहिए यतो प्रशासन को जानकारी करना चाहिए.
  7. आज के समय में भी ग्रामीण इलाका में बच्चे पड़ लिख नही पाते है इसका एक ही कारन है माँ-बाप सचेतन नही है. इसीलिए ग्रामीण शेत्रो में लगभग सारे बच्चे आपने माँ-बाप के साथ ही काम पे लग जाता है.
  8. हम सभी को इस बात का ध्यान रखना चाहिए की गरीब होना कोई जुर्म नही है. अगर हो साके तो कम से कम किसी एक गरीब बच्चे की पड़ाई के लिए खर्चुथाना चाहिए.

Conclusion

तो आज के इस आर्टिकल Child Labour in Hindi से आपको पूरी जानकारी मिला होगा की आखिर child labour किसे कहा जाता है. और इस आर्टिकल के जरिये child labour के कारन , child labour को किस किस तरीके से रोका जा सकता है. और तो और सरकारों दुवारा child labour को रोकने के लिए क्या क्या कदम उठाया गया है. तो मुझे पूरी उम्मीद है की आपको ये आर्टिकल जरुर पसंद आया होगा. इस आर्टिकल से जुड़े आपके मन में child labour meaning in hindi को लेकर कोई भी सवाल हो तो आप मुझे पुच सकते हो. तो आपना ख्याल रखियेगा.

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